असीं मुस्तफ़ा जे वतन जा दीवाना

असीं मुस्तफ़ा जे वतन जा दीवाना

असीं मुस्तफ़ा जे वतन जा दीवाना
सिकों था नबीअ जे सहन जा दीवानानबीअ जे हरम में अजब जी चमक आ
उन्हीअ रोशनीअ एं चमन जा दीवाना

असीं मुस्तफ़ा जे वतन जा दीवाना
सिकों था नबीअ जे सहन जा दीवाना

असीं मुस्तफ़ा जे वतन जा दीवाना

जिते मुंहंजे साईं क़दम पाक पाता
मुअत्तर ग़ली घर घिटन जा दीवाना

असीं मुस्तफ़ा जे वतन जा दीवाना
सिकों था नबीअ जे सहन जा दीवाना

असीं मुस्तफ़ा जे वतन जा दीवाना

ओते मौत ईंदो मुसाफिर त समझी
डींधा पाक कपड़ो उन कफ़न जा दीवाना

असीं मुस्तफ़ा जे वतन जा दीवाना
सिकों था नबीअ जे सहन जा दीवाना

असीं मुस्तफ़ा जे वतन जा दीवाना

सभै मुल्क गोरेया नबीअ जे सहर तां
नाहियों शाम उरदन एं यमन जा दीवाना

असीं मुस्तफ़ा जे वतन जा दीवाना
सिकों था नबीअ जे सहन जा दीवाना

असीं मुस्तफ़ा जे वतन जा दीवाना

इस्माइल चाडियो शुकर आ जो आहयों
मुहम्मद मिठे जे बचन जा दीवाना

असीं मुस्तफ़ा जे वतन जा दीवाना
सिकों था नबीअ जे सहन जा दीवाना

असीं मुस्तफ़ा जे वतन जा दीवाना

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