आँखों में मदीने की तस्वीर निराली है

 

 

 

आँखों में मदीने की तस्वीर निराली है
ऐ माहे-अरब ! तेरी तन्वीर निराली है

दीवाना मदीने का आज़ाद है दोज़ख़ से
पैरों में गुलामों के ज़ंजीर निराली है

आँखों में मदीने की तस्वीर निराली है
ऐ माहे-अरब ! तेरी तन्वीर निराली है

सरकार के क़दमों की आहट है तेरे दिल में
ऐ ख़ुल्दे-बरी ! तेरी तक़दीर निराली है

आँखों में मदीने की तस्वीर निराली है
ऐ माहे-अरब ! तेरी तन्वीर निराली है

ताबिंदा नज़र आई जो मोहरे-नबुव्वत में
नक़्क़ाशे-अज़ल की वो तहरीर निराली है

आँखों में मदीने की तस्वीर निराली है
ऐ माहे-अरब ! तेरी तन्वीर निराली है

ये रब की अता से तो कौनैन है मुठ्ठी में
सरकारे-दो-आलम की जागीर निराली है

आँखों में मदीने की तस्वीर निराली है
ऐ माहे-अरब ! तेरी तन्वीर निराली है

जिस ख्वाब में आते हैं सरकार मदीने के
उस ख्वाबे-मुक़द्दस की ताबीर निराली है

आँखों में मदीने की तस्वीर निराली है
ऐ माहे-अरब ! तेरी तन्वीर निराली है

अक़्सा की इमामत का सेहरा है सजा सर पर
मे’राज के दूल्हा की तौक़ीर निराली है

आँखों में मदीने की तस्वीर निराली है
ऐ माहे-अरब ! तेरी तन्वीर निराली है

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