【اَعُوْذُ بِاللّٰهِ مِنَ الشَّیْطَانِ الرَّجِیْمِ】
【ﺑِﺴْــــــــــــــﻢِﷲِﺍﻟـــﺮَّﺣْﻤَﻦِﺍلــﺮَّﺣِـــــــــــﻴﻢ】

【اَلصَّلٰوةُ وَالسَّـــلَامُ عَلَي٘كَ يَارَسُوۡلَ الـلّٰهِ ﷺ】
【وَعَلیٰٓ اٰلِكَ وَاَصحَابِكَ يَاحَبِيْبُ الـلّٰهِ ﷺ​​】

FAIZAN-E-RAZA

करामात ए आलाहज़रत

एक बार आप बीसलपुर तशरीफ ले गए और किसी मुरीद के यहां क़याम किया, आपने उनसे पूछा कि क्या इस जगह किसी वली का मज़ार भी है तो उन्होंने कहा कि नहीं यहां तो कोई मज़ार नहीं है तो आप फरमाते हैं कि मुझे वली की खुशबु आ रही है तब उन्होंने बताया कि जंगल के किनारे एक कोठरी है जिसमे किसी की कब्र बनी है मगर वहां कोई जाता नहीं

तो आप वहां जाने के लिए निकले और आपके पीछे एक कसीर मजमा भी हो गया जब आप कोठरी में दाखिल हुए तो दरवाज़ा अंदर से बंद कर लिया, लोगों का बयान है कि हमने दो आवाज़े अन्दर से आती हुई सुनी जैसे कि दो लोग बात करते हों

कुछ देर बाद हज़रत बाहर तशरीफ लाये और फरमाया कि इनका नाम गाज़ी कमाल उद्दीन है ये कबीलये अंसार के एक वली हैं जो सोहरवर्दी सिलसिला रखते हैं इनसे फैज़ लो,आपके फरमाने के बाद तो उस जंगल में लोगों का हुजूम बढ़ गया

तजल्लियाते इमाम अहमद रज़ा,सफह 100

इन्शा अल्लाहुर्रहमान पोस्ट जारी रहेगी..

╭┈► फरमाने गुलज़ार ए मिल्लत

अए लोगों भूखे रहो पर आला हज़रत के गुन गाते रहों

इल्म हासिल करो मां की गोद से क़ब्र की आगौश तक

मिट जाऐ गुनाहो का तसव्वुर ही दुन्या से, गर होजाए यक़ीन के अल्लाह सबसे बड़ा है, अल्लाह देख रहा है

डाल दी क़ल्ब में अज़मते मुस्तफ़ा सैय्यदी आला हज़रत पे लाखो सलाम !!

एक मर्तबा दो अंग्रेज़ आलाहज़रत रज़ियल्लाहु तआला अन्हु की बारगाह में हाज़िर हुए और कहने लगे कि आपके नबी का ये फरमान है कि “मेरी उम्मत के उल्मा बनी इस्राईल के अम्बिया की मानिंद हैं” तो नबी तो जमादात और नबादात की बोलियां भी समझ लेते थे क्या आप ऐसा कर सकते हैं

उस वक़्त दो चिड़िया एक आगे एक पीछे ऊपर से उड़कर जा रही थीं उन लोगों ने कहा कि बताइये कि ये चिड़ियां आपस में क्या बात कर रही हैं

तो आप फरमाते हैं कि मैं तो उनके दर का अदना सा गुलाम हूं मगर तुम इसरार करते हो तो बताता हूं कि आगे उड़ने वाली चिड़िया पीछे वाली से कह रही है कि जल्दी घर चलो अंधेरा होने वाला है इस पर पीछे वाली बोली कि मैं अपनी पूरी ताक़त से उड़ने की कोशिश कर रही हूं मगर जहां हम उतरे थे वहां मेरे पैर में कांटा चुभ गया है जिसकी वजह से मैं उड़ नहीं पा रही हूं

चुंकि वो अंग्रेज़ शिकारी भी थे तो फौरन अपनी बन्दूक से पीछे वाली चिड़िया को गोली मार दी जब वो गिरी तो उसके पैरों को देखा गया तो हक़ीक़त में उसके पैर में कांटा लगा हुआ था, ये देखते ही दोनों आलाहज़रत के क़दमों में गिर गए और मुसलमान हो गए

गुलिस्ताने औलिया,सफह 50

एक शख्स हबीबुर्रहमान नाम के थे उनको बचपन में निमोनिया हुआ और उनका इंतेक़ाल हो गया इकलौता लड़का था घर में कोहराम मच गया, कफन दफन का इंतेज़ाम होने लगा उनके वालिदैन बरैली शरीफ में ज़ेरे सायये आलाहज़रत रज़ियल्लाहु तआला अन्हु ही रिहाइश पज़ीर थे

वालिदा रोती हुई आलाहज़रत रज़ियल्लाहु तआला अन्हु के पास पहुंची और कहने लगी मेरा इकलौता बेटा इंतेक़ाल कर गया आप ही की दुआ से नसीब हुआ था हुज़ूर मुझे मेरा लड़का चाहिए हुज़ूर मुझ बेचारी पर नज़रे करम फरमाइये

आलाहज़रत रज़ियल्लाहु तआला अन्हु ने असा उठाया और उसके घर की तरफ चल दिए सब लोग आपको देख कर ताज़ीम के लिए खड़े हो गए, आलाहज़रत रज़ियल्लाहु तआला अन्हु ने फरमाया पर्दा कर लीजिये ज़रा हम भी तो देखे पर्दा हुआ और आप मय्यत के करीब पहुंचे, ये देख कर हबीबुर्रहमान की वालिदा और ज़ोर ज़ोर से रोने लगीं हुज़ूर मेरा बेटा ज़िंदा कीजिये मुझे और कुछ नहीं चाहिए

आलाहज़रत रज़ियल्लाहु तआला अन्हु ने बच्चे के ऊपर से कपड़ा हटाया और बिस्मिल्लाह शरीफ पढ़ कर फ़रमाया “आंखें क्यों नहीं खोलता देख तो तेरी वालिदा क्या कह रही है” सरकारे आलाहज़रत रज़ियल्लाहु तआला अन्हु का इतना फरमाना था कि बच्चे ने आंखें खोल दी और रोना शुरू कर दिया

आप ने फरमाया ये बच्चा तो जिंदा है कौन कहता था कि ये मर गया फिर तो हर तरफ ख़ुशी की लहर दौड़ गई, आपने उस पर मुहब्बत और शफ़्क़त से हाथ फेरा तो वो खामोश हो गया और बच्चे के चेहरे पर मुस्कुराहट मालूम होने लगी आलाहज़रत रज़ियल्लाहु तआला अन्हु की करामत से हबीबुर्रहमान ज़िंदा हुए और बुढ़ापे तक जिंदा रहे

तजल्लियाते इमाम अहमद रज़ा, सफह 103

इन्शा अल्लाहुर्रहमान पोस्ट जारी रहेगी..

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