छाप तिलक सब छीनी रे मोसे नैनाँ मिलाय के

तन मन धन बाजी लागी रे
धन धन मोरे भाग बाजी लागी रे

लागी लागी सब कहें, लागी लगी न अंग
लागी तो जब जानिए, जब रहे गुरू के संग

ख़ुसरौ ! रैन सुहाग की जागी पी के संग
तन मेरो, मन पीउ को, दोउ भए एक रंग

ख़ुसरौ ! बाजी प्रेम की मैं खेलूँ पी के संग
जीत गयी तो पिया मोरे, हारी पी के संग

छाप तिलक सब छीनी रे मोसे नैनाँ मिलाय के
बात अगम कह दीन्हीं रे मोसे नैनाँ मिलाय के

बल-बल जाऊँ मैं तोरे रंग-रेजवा
अपनी सी रंग दीन्हीं रे मोसे नैनाँ मिलाय के

प्रेम-भटी का मदवा पिलाय के
मतवारी कर दीन्हीं रे मोसे नैनाँ मिलाय के

गोरी गोरी बइयाँ, हरी हरी चूड़ियाँ
बइयाँ पकड़ हर लीन्हीं रे मोसे नैनाँ मिलाय के

ख़ुसरौ ! निजाम के बल-बल जइए
मोहे सुहागन कीन्हीं रे मोसे नैनाँ मिलाय के

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