मत इश्क़ सिकाओ कोई हमें

हम इश्क़ मोहब्बत बाले हैं

जीते हैं रजा की चाहत में

हम आला हजरत वाले हैं

 

हस्ती को मिटाकर रख देंगे

मिट्टी में मिलाकर रख देंगे

तुम हम से कभी ना टकराना

हम ताजुस्सरियत वाले हैं

 

सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा

हम बुलबुलें हैं इसके ये गुलिस्ता हमारा

मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना

हिंदी हैं हम बतन के ये हिंदुस्तान हमारा

 

जाएंगे नहीं हम पाकिस्तान

ख्वाजा ने दिया है हिंदुस्तान

है मुलक हमें जान से प्यारा

हम सच्चे भारत वाले हैं

 

मत इश्क़ सिकाओ कोई हमें

हम इश्क़ मोहब्बत बाले हैं

जीते हैं रजा की चाहत में

हम आला हजरत वाले हैं

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