दरपेश हो तयबा का सफर कैसा लगेगा

 

दरपेश हो तयबा का सफर कैसा लगेगा
रख दूं दरे-सरकार पे सर कैसा लगेगा

बड़ा अच्छा लगेगा, बड़ा प्यारा लगेगा

दरपेश हो तयबा का सफर कैसा लगेगा
रख दूं दरे-सरकार पे सर कैसा लगेगा

जब दूर से है इतना हसीं गुम्बदे-ख़ज़रा
इस पार ये आलम है उधर कैसा लगेगा

दरपेश हो तयबा का सफर कैसा लगेगा
रख दूं दरे-सरकार पे सर कैसा लगेगा

क़िस्मत से जो आ जाएं मेरे घर में शहे-दीं
मैं कैसा लगूंगा, मेरा घर कैसा लगेगा

दरपेश हो तयबा का सफर कैसा लगेगा
रख दूं दरे-सरकार पे सर कैसा लगेगा

रख लूंगा इमामे पे जो नालैने-मुक़द्दस
शाहों के मुक़ाबिल मेरा सर कैसा लगेगा

दरपेश हो तयबा का सफर कैसा लगेगा
रख दूं दरे-सरकार पे सर कैसा लगेगा

सरकार ने दर पे तुझे बुलवाया है मंगते
जब कोई तुम्हें देगा ख़बर कैसा लगेगा

दरपेश हो तयबा का सफर कैसा लगेगा
रख दूं दरे-सरकार पे सर कैसा लगेगा

ग़ौसुलवरा से पूछ लो एक रोज़ ये चलकर
बग़दाद से तयबा का सफर कैसा लगेगा

दरपेश हो तयबा का सफर कैसा लगेगा
रख दूं दरे-सरकार पे सर कैसा लगेगा

 

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