दिल-ए-उशाक़ में यूँ अज़मते-सिद्दीक़े-अकबर है

इमामुल-मुस्लिमीन, ख़लीफ़तुल-मोमिनीन
इमामुल-मुस्लिमीन, ख़लीफ़तुल-मोमिनीन

यार-ए-ग़ार, यार-ए-मज़ार

दिल-ए-उश्शाक़ में यूँ अज़मते-सिद्दीक़े-अकबर है
की क़ल्बे-मुस्तफा में उल्फ़ते-सिद्दीक़े-अकबर है

रसूलाने-सलफ़ में जो है रुतबा ज़ाते-अह़मद का
सहाबा में कुछ ऐसी वुक़अ़ते-सिद्दीक़े-अकबर है

मेरे सिद्दीक़े-अकबर, मेरे सिद्दीक़े-अकबर
मेरे सिद्दीक़े-अकबर, मेरे सिद्दीक़े-अकबर

दिल-ए-उश्शाक़ में यूँ अज़मते-सिद्दीक़े-अकबर है
की क़ल्बे-मुस्तफा में उल्फ़ते-सिद्दीक़े-अकबर है

शरफ़ हासिल क़सीर असहाब को हिजरत का है लेकिन
नबी की इक़्तिदा में हिजरते-सिद्दीक़े-अकबर है

इमामुल-मुस्लिमीन, ख़लीफ़तुल-मोमिनीन
इमामुल-मुस्लिमीन, ख़लीफ़तुल-मोमिनीन

दिल-ए-उश्शाक़ में यूँ अज़मते-सिद्दीक़े-अकबर है
की क़ल्बे-मुस्तफा में उल्फ़ते-सिद्दीक़े-अकबर है

ख़ुदा की राह में असबाबे-दुनिया सब लुटा डाला
के हुब्बे-मुस्तफ़ा ही दौलते-सिद्दीक़े-अकबर है

मेरे सिद्दीक़े-अकबर, मेरे सिद्दीक़े-अकबर
मेरे सिद्दीक़े-अकबर, मेरे सिद्दीक़े-अकबर

दिल-ए-उश्शाक़ में यूँ अज़मते-सिद्दीक़े-अकबर है
की क़ल्बे-मुस्तफा में उल्फ़ते-सिद्दीक़े-अकबर है

वो पहलु-ए-नबी में आज भी आराम-फ़रमा है
जहां में ये मक़ामे-रिफ़अते-सिद्दीक़े अकबर है
इमामुल-मुस्लिमीन, ख़लीफ़तुल-मोमिनीन
इमामुल-मुस्लिमीन, ख़लीफ़तुल-मोमिनीन

दिल-ए-उश्शाक़ में यूँ अज़मते-सिद्दीक़े-अकबर है
की क़ल्बे-मुस्तफा में उल्फ़ते-सिद्दीक़े-अकबर है

नबी के इश्क़ में भी हज़रते बू-बक्र कामिल है
रशीद हमको तो यूँ ही उल्फ़ते-सिद्दीक़े-अकबर है

मेरे सिद्दीक़े-अकबर, मेरे सिद्दीक़े-अकबर
मेरे सिद्दीक़े-अकबर, मेरे सिद्दीक़े-अकबर

दिल-ए-उश्शाक़ में यूँ अज़मते-सिद्दीक़े-अकबर है
की क़ल्बे-मुस्तफा में उल्फ़ते-सिद्दीक़े-अकबर है

इमामुल-मुस्लिमीन, ख़लीफ़तुल-मोमिनीन
इमामुल-मुस्लिमीन, ख़लीफ़तुल-मोमिनीन

यार-ए-ग़ार, यार-ए-मज़ार

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