सतरे औरत

 

यानि बदन का वह हिस्सा जिसका छुपाना फर्ज़ है

अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त क़ुरआन मजीद में इरशाद फरमाता है कि

कंज़ुल ईमान:— हर नमाज़ के वक्त कपड़ा पहनों

📕📚पारा 8 सूरह अल एअराफ आयत 31

”’सतरे औरत'” सतर यानि छुपाना यानि मर्द और औरत के बदन का वोह हिस्सा जिसको खोलना या खुला रखना ऐबदार है और उस हिस्से को छुपाना लाज़मी और ज़रुरी है, लिहाज़ा अब सतरे औरत का माना येह हुआ कि मर्द और औरत के बदन ( शरीर ) का वोह हिस्सा ( भाग) कि जिस पर पर्दा वाजिब है और जिसको खोलना या खुला रखना ऐब और शर्म का बाइस है और औरत को औरत छुपाने की चीज़ इस लिए कहते हैं कि वोह वाक़ई ( वास्तव में छुपाने की चीज़ है यानि औरत औरत है, इमाम तिरमिज़ी ने हजरते अब्दुल्लाह बिन अब्बास रज़ियल्लाहु तआला अन्हु से रिवायत है कि

ह़दीस:—- हुज़ूर सल्लल्लाहु तआला अलैहि वसल्लम इरशाद फरमाते हैं कि, औरत औरत है यानि छुपाने की चीज़ है जब वोह निकलती है तब शैतान उसकी तरफ देखता है

📕📚जामेअ तिरमिज़ी जिल्द 2 सफह 392 ह़दीस 1176

मस्अला:— मर्द के लिए नाफ़ के नीचे से घुटनों के नीचे तक का बदन छुपाना फर्ज़ है, नाफ़ दाखिल नहीं और घुटने उसमें दाखिल हैं,

📕📚दुर्रे मुख़्तार व रद्दुल मुह़तार जिल्द 2 सफह 93
📕📚बहारे शरीयत जिल्द 1 हिस्सा 3 सफह 481
📕📚मोमिन की नमाज़ सफह 45

मस्अला:—- औरत के लिए पूरा बदन छुपाना फर्ज़ है लेकिन मुंह की टकली यानि चेहरा, दोनों हाथों की हथेलियां, और दोनों पांव के तल्वे का छुपाना फर्ज़ नहीं, यानि हालते नमाज़ में औरत का चेहरा दोनों हथेलियां, और दोनों तल्वे खुले होंगे तो नमाज़ हो जायेगी,

📕📚दुर्रे मुख़्तार जिल्द 2 सफह 95
📕📚बहारे शरीयत जिल्द 1 हिस्सा 3 सफह 481
📕📚मोमिन की नमाज़ सफह 45

मस्अला:—- सतरे औरत हर हाल में वाजिब है, चाहे नमाज़ में हो या न हो, किसी के सामने बगैर शरई मजबूरी के खोलना जायज़ नहीं, बल्कि तन्हाई में भी अपना हिस्सा ए सतर खोलना जायज़ नहीं, सतर हर हाल में फर्ज़ है जिसकी फर्ज़ियत को तमाम फुक़हा ने साबित किया है

📕📚दुर्रे मुख़्तार व रद्दुल मुह़तार जिल्द 2 सफह 93/97
📕📚बहारे शरीयत जिल्द 1 हिस्सा 3 सफह 480
📕📚मोमिन की नमाज़ सफह 45

मस्अला’:—– औरत अगर इतना बारीक कपड़ा कि जिस से बदन चमकता हो यानि बदन नज़र आता हो पहन कर नमाज़ पढ़ी तो नमाज़ नहीं होगी और ऐसा कपड़ा सतर के लिए काफी नहीं,

📕📚फतावा रज़विया श़रीफ़ जिल्द 3 सफह 1
📕📚फतावा हिन्दिया जिल्द 1 सफह 58
📕📚बहारे शरीयत जिल्द 1 हिस्सा 3 सफह 480

मस्अला:—-अगर औरत इतना बारीक दुपट्टा ओढ़ कर नमाज़ पढ़े जिस से बालों की सियाही दिखाई दे तो नमाज़ न होगी

📕📚फतावा रज़विया श़रीफ़ जिल्द 2 सफह 1
📕📚फतावा हिन्दिया जिल्द 1 सफह 58
📕📚बहारे शरीयत जिल्द 1 हिस्सा 3 सफह 481

मस्अला:—– औरत का चेहरा अगरचे औरत नहीं है लेकिन गैर महरम के सामने चेहरा खोलना मना है और उसके चेहरे की तरफ़ नज़र करना और देखना गैर महरम मर्द के लिए जायज़ नहीं

📕📚दुर्रे मुख़्तार जिल्द 2 सफह 97
📕📚बहारे शरीयत जिल्द 1 हिस्सा 3 सफह 484

मस्अला:—- कुछ लोग कहते हैं कि अगर तहबन्द (लुंगी) के नीचे अंडर वियर नहीं पहना तो नमाज़ नहीं होती यह बिलकुल ग़लत है सही मस्अला यह है कि नमाज़ हो जायेगी

📕📚मोमिन की नमाज़ सफह 45

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