Andhere Mein Dil Ke Charage Mohabbat Hindi Lyrics

 

 

Andhere Mein Dil Ke Charage Mohabbat Ye Kisne Jalaya Savere Savere By Sabri Brothers Lyrics in Hindi

क़व्वाल: साबरी ब्रदर्स, अमजद साबरी

शायर: सहरायी

Andhere Mein Dil Ke Charage Mohabbat Ye Kisne Jalaya Savere Savere By Sabri Brothers Lyrics in hindi

अंधेरे में दिल के, चराग़े मोहव्वत ये किसने जलाया, सवेरे सवेरे
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अनमोल हीरा पाया अजमेर की गली में
आ….
अनमोल हीरा पाया, अजमेर की गली में
हां…
तारीक दिल में ख़्वाजा, की रौशनी तुम्ही ने।

अंधेरे में दिल के, चराग़े मोहव्वत
ये किसने जलाया, सवेरे सवेरे।

अंधेरे में दिल के, चराग़े मोहव्वत
ये किसने जलाया, सवेरे सवेरे

तसव्वुर के सूरज की, इक इक किरन से
नया नूर पाया, सवेरे सवेरे

लगन जिसके दीदार, की लग रही थी
क़रीब और आया, सवेरे सवेरे

 

आ..
किसी ग़मज़दा ने, जो ख़्वाजा पिया को
तड़प कर बुलाया, सवेरे सवेरे

ख़ज़ाना मोहम्मद का, हाथों में लेकर
वहीं उनको पाया, सवेरे सवेरे।

 

ग़लत है के बाज़ारे इश्को मोहब्बत
कभी आशिक़ों के, समझ में न आया

खरा माल है तो, खरे दाम देगा
अ़ताए मोहम्मद है, ज़हरा का जाया

ग़रीबों के दाता, हैं मशहूर ख़्वाजा
कोई हिंद में, उनका सानी न पाया

 

आ….
अ़क़ीदत की मंडी, का बस राज़ ये है
इशा पढ़ के गर, हाजती ने लगाया

इबादत का सौदा, अंधेरे अंधेरे
मुनाफा कमाया, सवेरे सवेरे।

 

मुक़द्दस यूं समझी गयी मोमिनों में
सहर की तिलावत, सहर की इबादत

फ़रिश्ते आज़ाने, सहर सुनके तक़सीम
करते हैं बंदों को, क़ुदरत की नेअ़मत

नमाज़े सहर में, नमाज़ी के सर पे
बरसती है मस्जिद में, अल्लाह की रहमत

 

आ…
तेरे रौज़ए पाक की, मेरे ख़्वाजा
ज़्यारत यूं करते हैं, सब कह के सुन्नत

ख़ुदा ने मोहम्मद को, मेअ़्राज की शब
फ़लक पर बुलाया, सवेरे सवेरे।

 

तसव्वुर से चेहरे के, ख़्वाजा पिया के
उजालों से होकर के, भर पूर चमका

अज़ाने सहर जब हुई, सारा अजमेर
नजदीक क्या, दूर से दूर चमका

खड़े थे जो रौज़े पे, बहरे ज़्यारत
निगाहों में उनकी, नया नूर चमका

 

आ…
ख़ुदा की क़सम ये, ह़क़ीक़त है सहरायी
के बेनूर आंखों, में भी नूर चमका

तेरे धौले गुम्बद को, सूरज की किरनों
ने जब जगमगाया, सवेरे सवेरे।

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