Category: Naat e Paak

ज़रा छेड़ तू नग़्मा-ए-क़ादरिय्यत के हर तार बोलेगा तन तन तना तन

ज़रा छेड़ तू नग़्मा-ए-क़ादरिय्यत के हर तार बोलेगा तन तन तना तन ज़रा छेड़ तू नग़्मा-ए-क़ादरिय्यत, के हर तार बोलेगा तन तन तना तन तेरी रूह हरगिज़ रहेगी न रक़्सां,…