तेरे सदक़े में आक़ा ! सारे जहाँ को दीन मिला

तेरे सदक़े में आक़ा ! सारे जहाँ को दीन मिला तेरे सदक़े में, आक़ा ! सारे जहाँ को दीन मिला बे-दीनों ने कलमा पढ़ा, ला-इलाहा इल्लल्लाह ह़स्बी रब्बी जल्लल्लाह, मा फ़ी क़ल्बी गै़रुल्लाह नूर-ए-मुह़म्मद स़ल्लल्लाह, ला-इलाहा इल्लल्लाह सिम्त-ए-नबी बू-जहल गया, आक़ा से उस ने ये कहा गर हो नबी बतलाओ ज़रा, मेरी मुट्ठी में है …

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