शेहरे-नबी तेरी गलियों का नक़्शा ही कुछ ऐसा है

शेहरे-नबी तेरी गलियों का नक़्शा ही कुछ ऐसा है शेहरे-नबी तेरी गलियों का नक़्शा ही कुछ ऐसा है ख़ुल्द भी है मुश्ताक़े-ज़ियारत जल्वा ही कुछ ऐसा है शेहरे-नबी तेरी गलियों का नक़्शा ही कुछ ऐसा है दिल को सुकूं दे, आँख को ठंडक, रोज़ा ही कुछ ऐसा है फ़र्शे-ज़मीं पर अर्शे-बरी हो, लगता ही कुछ ऐसा …

शेहरे-नबी तेरी गलियों का नक़्शा ही कुछ ऐसा है Read More »