बे तलब भीक यहाँ मिलती है आते जाते
बे तलब भीक यहाँ मिलती है आते जाते ये वो दर है के जहां दिल नहीं तोड़े जाते सूए तयबा ये समज़ कर है ज़मानें जाते ये वो रोज़ा है जहां दिल नहीं तोड़े जाते ये है आक़ा की इनायत वो करम करते हैं वरना हम जैसे कहाँ दर पे बुलाए जाते भूल जाते थे … Read more