bar-bar-aap-jo-sarkar-bulate-jate-naat-lyrics
मेहबूब की महफिल को, मेहबूब सजाते हैं आते हैं वही जिन को, सरकार बुलाते हैं वो लोग खुदा शहीद, किस्मत के सिकंदर हैं जो सरवरे आलम का, मिलाद मनाते हैं आका की सनाह ख्वानी, दर असल इबादत हैं हम नात की सूरत में, कुरान सुनाते हैं जिन का भारी दुनिया में, कोई भी नहीं वली … Read more