Bagh e Jannat Kay Hain Behre Madha Khawan e AhleBait Lyrics in Hindi

Bagh e Jannat Kay Hain Behre Madha Khawan e AhleBait Lyrics in Hindi बाग़े-जन्नत के हैं बेहरे मदह़-ख़्वाने-अहले-बैत तुम को मुज़्दा नार का, ए ! दुश्मनाने-अहले-बैत किस ज़बां से हो बयाने-इज़्ज़ो-शाने-अहले-बैत मदह़-गोए-मुस्तफ़ा हैं मदह-ख़्वाने-अहले-बैत उनकी पाकी का ख़ुदा-ए-पाक करता है बयान आया-ए-तत़हीर से ज़ाहिर है शाने-अहले-बैत मुस्तफ़ा इज़्ज़त बड़ाने के लिये तअ़ज़ीम दें है बुलंद इक़बाल …

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