Hum Ko Apni Talab Se Siwa Chahiye Lyrics

Hum Ko Apni Talab Se Siwa Chahiye Lyrics

 

 

हम को अपनी तलब से सिवा चाहिए
आप जैसे हैं वैसी ‘अता चाहिए

क्यूँ कहें ये ‘अता वो ‘अता चाहिए
आप को ‘इल्म है हम को क्या चाहिए

भर के झोली मेरी मेरे सरकार ने
मुस्कुरा कर कहा और क्या चाहिए

इक क़दम भी न हम चल सकेंगे, हुज़ूर !
हर क़दम पे करम आप का चाहिए

आप अपनी ग़ुलामी की दे दें सनद
बस यही ‘इज़्ज़त-ओ-मर्तबा चाहिए

आप के ‘इश्क़ में हम तड़पते तो हैं
हर तड़प में ओवैसी अदा चाहिए

दर्द-ए-जामी मिले, ना’त ख़ालिद ! लिखूँ
और अंदाज़-ए-अहमद-रज़ा चाहिए

शायर:
ख़ालिद महमूद नक़्शबंदी

ना’त-ख़्वाँ:
ओवैस रज़ा क़ादरी
महमूद-उल-हसन अशरफ़ी
मुहम्मद बिलाल रज़ा ओवैसी

 

 

Ham Ko Apni Talab Se Siwa Chaahiye

Aap Jaise Hain Waisi ‘Ata Chaahiye

 

Kyun Kahen Ye ‘Ata Wo ‘Ata Chaahiye

Aap Ko ‘Ilm Hai Ham Ko Kya Chaahiye

 

Bhar Ke Jholi Meri Mere Sarkaar Ne

Muskura Kar Kaha Aur Kya Chaahiye

 

Ik Qadam Bhi Na Ham Chal Sakenge  Huzoor !

Har Qadam Pe Karam Aap Ka Chaahiye

 

Aap Apni Gulaami Ki De Den Sanad

Bas Yahi ‘Izzat-O-Martaba Chaahiye

 

Aap Ke ‘Ishq Men Ham Tadapte To Hain

Har Tadap Men Owaisi Ada Chaahiye

 

Dard-E-Jaami Mile  Naa’t Khaalid ! Likhun

Aur Andaaz-E-Ahmad-Raza Chaahiye

 

 

Poet:

Khalid Mahmood Naqshbandi

 

Naat-Khwaan:

Owais Raza Qadri

Mahmood Ul Hassan Ashrafi

Muhammad Bilal Raza Owaisi

हिन्दी

ENG

 

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