CHHA GAYA ABRE KARAM NAAT LYRICS

CHHA GAYA ABRE KARAM NAAT LYRICS     CHHA GAYA ABRE KARAM NAAT LYRICS [HINDI] छा गया अबरे करम मौसमे तूफ़ान गया चादरे नूर फेजाओं में कोई तान गया संगे बे जान भी देखा तो उसे जान गया नेमतें बाँटता जिस सम्त वो जीशान गया साथ ही मुंशीये रहमत का कलम दाँन गया मालो ज़र … Read more