कल्बे आशिक हुआ पारा पारा अल्वदा अल्वदा माहे रमज़ान

कल्बे आशिक हुआ पारा पारा कल्बे आशिक हुआ पारा पारा अल्वदा अल्वदा माहे रमज़ान तेरे आने से दिल खुश हुआ था और जोके इबादत बड़ा था आह अब दिल पे गम का है गलबा अल्वदा अल्वदा माहे रमज़ान नेकिया हम ना कुछ कर सके है आह इस्या में दिन कटे है हाए गफलत में तुझको … Read more