बस्ती मेरे वीरान मुक़द्दर की बसा दी

बस्ती मेरे वीरान मुक़द्दर की बसा दी बस्ती मेरे वीरान मुक़द्दर की बसा दी माँ जी की दुआओं ने मेरी बात बना दी आसूदा मेरी माँ को खुदा रखे कह जिस ने अजमत दर ए जेहरा की मेरे दिल में बसा दी तैयार हमेशा इसे खिदमत को है पाया जब भी सर ए शब् उठ … Read more