सय्यदी अन्त हबीबी (मुद्दआ़ ज़ीस्त का मैंने पाया)

सय्यदी अन्त हबीबी (मुद्दआ़ ज़ीस्त का मैंने पाया) सय्यदी अन्त हबीबी, सय्यदी अन्त हबीबी, सय्यदी अन्त हबीबी मुद्दआ़ ज़ीस्त का मैंने पाया रह़मते-हक़ ने किया फिर साया मेरे आक़ा ने करम फ़रमाया फिर मदीने का बुलावा आया पेहले कुछ अश्क बहा लूं तो चलूं एक नई नात सुना लूं तो चलूं सय्यदी अन्त हबीबी, सय्यदी …

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