ये दुनिया कैसी दुनिया है ! सब अपना पराया करते हैं

ये दुनिया कैसी दुनिया है ! सब अपना पराया करते हैं ये दुनिया कैसी दुनिया है ! सब अपना पराया करते हैं एक रहमत-ए-आलम ही सब को सीने से लगाया करते हैंअल्फ़ाज़ नहीं, जुमले भी नहीं, कैसे मैं करूँ उन की मिदहत मौला के फ़रिश्ते ख़ुद जिन को झूले में झुलाया करते हैं एक मैं … Read more