As Sub Hu Bada Min Talati Hii Naat Lyrics

As Sub Hu Bada Min Talati Hii Naat Lyrics

 

 

 

As Sub Hu Bada Min Talati Hii Naat Lyrics

As sub hu bada min tal’ati hii
W- al- laylu dajaa minv wafrati hee
Kanz-ul-karami mowl-an-ni’ amii
Haad-il-umami li shari’ati hii.
Sa’at-ish-shajaruu nataq-al-hajaruu
Shaqq-al-qamaruu bi ishaaratihii

Jibrilu ataa laylata asraa
W-ar-rabbu da’aa fii hadrati hii

Fa Muhammaduna huwa Sayiduna
Fal iszulana li ijaabetihi

As – Subhu badaa min tal’ati hii
W- al- laylu dajaa minv wafrati hee

As Sub Hu Bada Min Talati Hii Naat Lyrics

 

 

 


 

As Subhu Bada Min Lyrics
As Subhu Bada Min Lyrics

الصُّبْحُ بدَا مِنْ طَلْعَتِہٖ
والليلُ دَجا مِنْ وَّفَرَتِہٖ
अस्सुबहू बदा मिन त़लअ़तिही
वल्लैलू दजा मिंउ् वा’फ़’र’तिही।

है नूर-ए-सहर चेहरे से तेरे
और शब की रौनक़ ज़ुल्फ़ों से।

अल्लाहू अल्लाहू अल्लाहू अल्लाह
अल्लाहू अल्लाहू अल्लाहू अल्लाह

 

كَنْزُ الْكَرَمِ مُوْلِي النِّعَم
ھاديُ الاُممِ لشريعَتِہٖ
कन्ज़ुल क’र’मी मौलन्निअ़’मी
हादिल उ’ममी लिशरीअ़तिही।

नेमत का ख़ज़ीना हैं मौला
गंजीना-ए-रहमत हैं आक़ा
हादी हैं तमामी उम्मत के
और राहनुमा हैं शरीअ़त के।

अल्लाहू अल्लाहू अल्लाहू अल्लाह
अल्लाहू अल्लाहू अल्लाहू अल्लाह

 

سَعَتِ الشَّجَرُ نَطَقَ الحَجَرُ
شُقّ القَمَرُ بِاِشَارتِہ

सअ़’तिश्-श’ज’रू न’त़’क़ल’ह़’जरू
शुक़्क़ल क़मरू बि’इशा’रतिही ।

उंगली के इशारे पेड़ चले
एजाज़ से पत्थर बोल उठे
और चांद हुआ है दो टुकड़े
अंगुश्त के एक इशारे से।

अल्लाहू अल्लाहू अल्लाहू अल्लाह
अल्लाहू अल्लाहू अल्लाहू अल्लाह

 

جِبْرِيلُ اَتَى لَيْلَۃ َ اَسْرَى
والرَّبُ دعی لحضرتہ
जिबरीलु अता लैलता असरा
वर्रब्बु दआ़उल ह़ज़’र’तिही।

जिब्रील-ए-अमीं पैग़ाम-ए-ख़ुदा
लेकर आये थे शब-ए-असरा
अल्लाह ने अ़र्श पे बुलवाया
क़ुर्बत का शरफ़ उनको बख़्शा।

अल्लाहू अल्लाहू अल्लाहू अल्लाह
अल्लाहू अल्लाहू अल्लाहू अल्लाह

 

فمحمدُنا ھوَ سيدُنا
والعِزُّ لَنا لاِجَابتِہ
फ़’मुहम्मदुना हुवा सैय्यिदुना
वल’इ़ज़्ज़ु’लना लि’ह़िजा’ब’तिही।

सो मुहम्मद ﷺ हैं अपने आक़ा
इसी नाम से अपनी इ़ज़्ज़ो बक़ा।

अल्लाहू अल्लाहू अल्लाहू अल्लाह
अल्लाहू अल्लाहू अल्लाहू अल्लाह

 

الصُّبْحُ بدَا مِنْ طَلْعَتِہٖ
والليلُ دَجا مِنْ وَّفَرَتِہٖ
अस्सुबहू बदा मिन त़लअ़तिही
वल्लैलू दजा मिंउ् वा’फ़’र’तिही।

है नूर-ए-सहर चेहरे से तेरे
और शब की रौनक़ ज़ुल्फ़ों से।

अल्लाहू अल्लाहू अल्लाहू अल्लाह
अल्लाहू अल्ला…….हू लाइलाहा इल्लल्लाह।

 

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