मेरी क़िस्मत जगाने को नबी का नाम काफी है

मेरी क़िस्मत जगाने को नबी का नाम काफी है     मेरी क़िस्मत जगाने को नबी का नाम काफी है हज़ारों ग़म मिटाने को नबी का नाम काफी है ग़मों की धूप हो या फिर हवाएँ तेज़ चलती हों मेरे इस आशियाने को नबी का नाम काफी है ख़ुशी हो या कोई ग़म हो, नबी … Read more

پردے جس وقت اُٹھیں جلوۂ زیبائی کے

پردے جس وقت اُٹھیں جلوۂ زیبائی کے   پردے جس وقت اُٹھیں جلوۂ زیبائی کے وہ نگہبان رہیں چشمِ تمنائی کے دُھوم ہے فرش سے تا عرش تری شوکت کی خطبے ہوتے ہیں جہانبانی و دارائی کے حُسن رنگینی و طلعت سے تمہارے جلوے گل و آئینہ بنے محفل و زیبائی کے ذرّۂ دشتِ مدینہ … Read more

سرور کہوں کے مالک و مولیٰ کہوں تجھے

سرور کہوں کے مالک و مولیٰ کہوں تجھے سرور کہوں کے مالک و مولیٰ کہوں تجھے باغِ خلیل کا گل زیبا کہوں تجھے حرماں نصیب ہوں تجھے امید کہ کہوں جان مراد– و کان تمنا کہوں تجھے گلزار قدس کا گل رنگیں ادا کہوں درمان درد بلبل شیدا کہوں تجھے صبح وطن پہ شام غریباں … Read more

आंसियो को दर तुमहारा मिल गया

आंसियो को दर तुमहारा मिल गया आंसियो को दर तुमहारा मिल गया बे ठिकानों को ठिकाना मिल गया फजले रब से फिर कमी किस बात की मिल गया सब कुछ जो तैयबा मिला गया कशफ़ राजे मर रअआनी यू हुवा तुम मिले तो तआला मिला गया उन के दर ने सब से मुस्तगनी कीया बे … Read more

पड़ते रहो नमाज़ ये क़ौले रसूल है

पड़ते रहो नमाज़ ये क़ौले रसूल है एक रोज़ मोमिनों तुम्हें मरना ज़रूर है पड़ते रहो नमाज़ ये क़ौले रसूल है अल्लाह, अल्लाह, अल्लाह अल्लाह, अल्लाह, अल्लाह एक रोज़ मोमिनों तुम्हें मरना ज़रूर है पड़ते रहो नमाज़ ये क़ौले रसूल है पड़ते रहो नमाज़ तो चेहरे पे नूर है पड़ते नहीं नमाज़ तो अपना कसूर … Read more

मौला मेरा वी घर होवे उते रहमत दी छां होवे

मौला मेरा वी घर होवे उते रहमत दी छां होवे तू सब दा मालिक, ख़ालिक, दो-जग दा तू सुलतान ए हर बे-ज़र ते हर बे-घर दे, मौला ! दिल विच अरमान ए मौला मेरा वी घर होवे उते रहमत दी छां होवे मेरे दरवाज़े ते लिख्या नबी पाक दा नां होवे मिलादे-मुस्तफ़ा मौला मैं अपने … Read more

कहीं पे भाई कहीं पे भांजा 

कहीं पे भाई कहीं पे भांजा कहीं पे भाई, कहीं पे भांजा, कहीं पे बेटा लुटा दिया है। हुसैन ने सर कटा के दीने, नबी की अज़मत बचा लिया है।। तू मुझको पानी क्या देगा ज़ालिम, में जामे कौसर को ही पियूंगा। ये कहके असगर ने करबला में, यज़ीदियों को हिला दिया है।। लहू मुसल्ला … Read more