आओ नबी की शान सुनो

आओ नबी की शान सुनो आओ नबी की शान सुनो नबी हे बोलता क़ुरआन सुनो हबीब प्यारा नजर उठाए हो मोला किब्ला बदल दे कहीं ये चाहत कहीं ये केहना ए मूंसा आना संभल के खुदा हे उन्पे मेहरबान सुनो नबी हे बोलता क़ुरआन सुनो नबी का सजदा हुवा है लंबा हुसैन पुश्त पर बैठे … Read more

واہ کیا مرتبہ ہوا تیرا | Wah Kia Martaba Hua Tera

واہ کیا مرتبہ ہوا تیرا | Wah Kia Martaba Hua Tera   واہ کیا مرتبہ ہوا تیرا تو خدا کا خدا ہوا تیرا تاج والے ہوں اِس میں یا محتاج سب نے پایا دیا ہوا تیرا ہاتھ خالی کوئی پھرا نہ پھرے ہے خزانہ بھرا ہوا تیرا آج سنتے ہیں سننے والے کل دیکھ لیں … Read more

पार बेड़े को लगा देते हैं गौस ए आजम । 

पार बेड़े को लगा देते हैं गौस ए आजम । डूबी नाव को तिरा देते हैं गौस ए आजम मेरे सरकार की मुट्ठी में हैं आलम के कूलूब। दम में रोतो को हंसा देते हैं गौस ए आज़म। चोर चोरी करे अब्दाल का रुतबा पाए। शान बंदे की बढ़ा देते हैं गौस ए आजम। बाखुदा … Read more

चांद मदीने का अर्श का सितारा है। 

चांद मदीने का अर्श का सितारा है। जो कुरान लाया है वो नबी हमारा है   आशिक़ ए मोहम्मद नें फुरकते मोहम्मद में रो कर रात काटी है हंस के दिन गुजारा है   जो कुरान पड़ता है बा खुदा ये कहता है नाम कमली वाले का जिंदगी से प्यारा है   दूर गम् हुए … Read more

समझना यह नहीं आसां कि क्या अख्तर रजा तुम हो

समझना यह नहीं आसां कि क्या अख्तर रजा तुम हो   समझ में बस यही आया सुन्नियों के पेशवा तुम हो     तुम्हें इस वक्‍त हो कायम मकामे मुफ्तीए आजम   बिला शक जानशीने मुस्तफा, अख्तर रजा तुम हो     रजा का हुज्जतुल इस्लाम का मुफ़्तीए आजम का   है जिनमें अक्स उनसबका … Read more

मरहबा ए जाने-जानां जाने-ईमां या नबी

मरहबा ए जाने-जानां जाने-ईमां या नबी मरहबा, मरहबा, मरहबा, मरहबा मरहबा, मरहबा, मरहबा, मरहबा या नबी शम्सुद्दुह़ा, या नबी बदरुद्दुजा या नबी ख़ैरुलवरा, या नबी या नबी या नबी, या नबी, या नबी, या नबी मरहबा ए जाने-जानां, जाने-ईमां या नबी मरहबा महबूबे-यज़दां, शाहे-ख़ूबां या नबी आप आए रोशनी फ़ैली, अँधेरा छट गया मरहबा सद … Read more

पहंजी साईं चौंठ चुमायो सुहिणी दरबार घुमायो

पहंजी साईं चौंठ चुमायो सुहिणी दरबार घुमायो मदीनु, मदीनु, मदीनु, मदीनु मदीनु, मदीनु, मदीनु, मदीनु सिक लगी आ मदीने जी, आक़ा ! मदीनु डेखार डिसी तोहजो दरबार, नैण ठरन मुं ग़रीब जा आक़ा, आक़ा, आक़ा, आक़ा पहंजी साईं चौंठ चुमायो, सुहिणी दरबार घुमायो खुले भाग़, वरे वाग़, सुहिणा नबी नबी हां प्यारा नबी नबी हां सुहिणा … Read more

नाते-पाक उनको सुनाऊँ सब्ज़ गुम्बद देख कर

नाते-पाक उनको सुनाऊँ सब्ज़ गुम्बद देख कर मीठा मदीना, मीठा मदीना जब गुम्बदे-ख़ज़रा पे वो पहली नज़र गई आँखों के रास्ते मेरे दिल में उतर गई हिज्रे-नबी मे आह, कहाँ बे-असर गई तड़पे जो हम यहाँ तो मदीने ख़बर गई नाते-पाक उनको सुनाऊँ सब्ज़ गुम्बद देख कर इश्क़ में आँसू बहाऊँ सब्ज़ गुम्बद देख कर … Read more