Har Sunni Ke Pyare Hain Sultaan Bareli Ke Hindi Lyrics

रज़ा रज़ा ! मेरे रज़ा ! रज़ा रज़ा ! मेरे रज़ा !
रज़ा रज़ा ! मेरे रज़ा ! रज़ा रज़ा ! मेरे रज़ा !

हर सुन्नी के प्यारे हैं सुल्तान बरेली के
हर आँख के तारे हैं सुल्तान बरेली के

गुस्ताख़ ज़रा सुन ले तुझ को ही मिटाने को
इक बर्क़ से धारे हैं सुल्तान बरेली के

सुन्नियों का पेशवा, रज़ा रज़ा, रज़ा रज़ा
आशिक़ों का रहनुमा, रज़ा रज़ा, रज़ा रज़ा
ख़ाइफ़-ए-किब्रिया, रज़ा रज़ा, रज़ा रज़ा
बा-कमाल-ओ-बा-हया, रज़ा रज़ा, रज़ा रज़ा

चालों में कभी भी ना आ पाएंगे हम क्यूँ के
सुन्नी के सहारे हैं सुल्तान बरेली के

हर सुन्नी के प्यारे हैं सुल्तान बरेली के
हर आँख के तारे हैं सुल्तान बरेली के

पढ़ पढ़ के दुरूदों को, पढ़ पढ़ के सलामों को
हर लम्हा गुज़ारे हैं सुल्तान बरेली के

सुन्नियों का पेशवा, रज़ा रज़ा, रज़ा रज़ा
आशिक़ों का रहनुमा, रज़ा रज़ा, रज़ा रज़ा
ख़ाइफ़-ए-किब्रिया, रज़ा रज़ा, रज़ा रज़ा
बा-कमाल-ओ-बा-हया, रज़ा रज़ा, रज़ा रज़ा

अब तक ना समझ आया इन अक़्ल के अंधों को
रहमत के फवारे हैं सुल्तान बरेली के

हर सुन्नी के प्यारे हैं सुल्तान बरेली के
हर आँख के तारे हैं सुल्तान बरेली के

यूँ ही लक़ब न आ’ला हज़रत हुवा है इन का
उल्मा के दुलारे हैं सुल्तान बरेली के

सुन्नियों का पेशवा, रज़ा रज़ा, रज़ा रज़ा
आशिक़ों का रहनुमा, रज़ा रज़ा, रज़ा रज़ा
ख़ाइफ़-ए-किब्रिया, रज़ा रज़ा, रज़ा रज़ा
बा-कमाल-ओ-बा-हया, रज़ा रज़ा, रज़ा रज़ा

बेख़ुद ने कहा सब से किस किस के रज़ा खां हैं
सब बोले हमारे हैं सुल्तान बरेली के

हर सुन्नी के प्यारे हैं सुल्तान बरेली के
हर आँख के तारे हैं सुल्तान बरेली के

सुल्तान बरेली के, सुल्तान बरेली के
सुल्तान बरेली के, सुल्तान बरेली के

शायर:
वसीम बेख़ुद माण्डलवी

नातख्वां:
ग़ुलाम मुस्तफ़ा क़ादरी

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