धूम हर जानिब मची है आप के मीलाद की
धूम हर जानिब मची है आप के मीलाद की धूम हर जानिब मची है आप के मीलाद की हर मुसलमां को ख़ुशी है आप के मीलाद की जिन के अमलों में है सब कुछ, पर नहीं चेहरे पे नूर उनके दामन में कमी है आप के मीलाद की बेशुमार उस पर बरसती हैं ख़ुदा की … Read more