फैला है चारो सम्त अँधेरा मेरे हुज़ूर लिल्लाह अब तो कीजे उजाला मेरे हुज़ूर

फैला है चारो सम्त अँधेरा मेरे हुज़ूर लिल्लाह अब तो कीजे उजाला मेरे हुज़ूर   / Phaila Hai Chaaro Samt Andhera Mere Huzoor, Lillah Ab To Keeje Ujaala Mere Huzoor   फैला है चारो सम्त अँधेरा, मेरे हुज़ूर ! लिल्लाह ! अब तो कीजे उजाला, मेरे हुज़ूर ! डूबे न बहर-ए-ग़म में सफ़ीना, मेरे हुज़ूर … Read more