बतूले-पाक के सदक़े करम में रेहता हूं

बतूले-पाक के सदक़े करम में रेहता हूं बेदम यही तो पांच हैं मक़्सूदे-काएनात ख़ैरुन्निसा, हुसैनो-हसन, मुस्तफ़ा, अ़लीस़ल्लि अ़ला मुह़म्मदिन, व अ़ला आलि-मुह़म्मदिन स़ल्लि अ़ला मुह़म्मदिन, व अ़ला आलि-मुह़म्मदिन नबी-ओ-आले-नबी पर दुरूद पड़ता हूं बतूले-पाक के सदक़े करम में रेहता हूं ज़माना सुनले के बारा इमाम मेरे हैं बड़े ही फ़ख्र से मैं सब का नाम लेता … Read more