मैं आक़ा की महफ़िल सजाता रहूँगा

मैं आक़ा की महफ़िल सजाता रहूँगा आँखों में अश्कों के नज़राने लेकर मैं आक़ा की महफ़िल सजाता रहूँगा शमशुद्दोहा नबी बदरूद्दोजा नबी खैरुलवरा नबी नूरुलहुदा नबी आँखों में अश्कों के नज़राने लेकर मैं आक़ा की महफ़िल सजाता रहूँगा खुदा मुझको देगा, देता रहेगा मैं सदक़ा मुहम्मद का खाता रहूँगा आँखों में अश्कों के नज़राने लेकर … Read more