Duniya Mein Jo Qayam Tere Mangton Ka Bharam Hai lyrics

Duniya Mein Jo Qayam Tere Mangton Ka Bharam Hai lyrics   फ़िज़ा छाई हुई है नूर की साबिर के रौज़े पर चमकती है तजल्ली तूर की साबिर रौज़े पर कशिश है ये मेरे मख़दूम साबिर तेरी हस्ती में खिची आती है पब्लिक दूर की साबिर के रौज़े पर. मम्बा-ए-सिर्रे-नबूवत हम वलायत हैदरी आ़फ़्ताबे चिश्तिया मखदूम …

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