Ye Jo Bargah E Rasool Se Koi Dur Koi Karib Hai Lyrics
Ye Jo Bargah E Rasool Se Koi Dur Koi Karib Hai Lyrics ये जो बारगाहे रसूल से कोई दूर कोई करीब है, ये सब अपनी-अपनी हैं किस्मतें ये अपना-अपना नसीब है मैं मरीज़े इश्के रसूल हूँ मुझे चारासाज से क्या गरज: मुझे दर्द जिसनें आता किया वही दर्दे दिल का तबीब है जो उमर … Read more