नमी-दानम चे मंज़िल बूद शब जाए कि मन बूदम

नमी-दानम चे मंज़िल बूद शब जाए कि मन बूदम
ब-हर-सू रक़्स-ए-बिस्मिल बूद शब जाए कि मन बूदम

परी-पैकर निगार-ए-सर्व-क़द्द लालह्-रुख़्सारे
सरापा आफ़त-ए-दिल बूद शब जाए कि मन बूदम

रक़ीबाँ गोश-बर-आवाज़ ऊ दर नाज़ व मन तरसाँ
सुख़न गुफ़्तन चे मुश्किल बूद शब जाए कि मन बूदम

मरा अज़ आतिश-ए-इश्क़-ए-तू दामन सोख़्त ऐ ख़ुसरव
मोहम्मद शम-ए-महफ़िल बूद शब जाए कि मन बूदम

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