पुश्तों से मैं नसीर हूँ मंगता हुसैन का

पुश्तों से मैं नसीर हूँ मंगता हुसैन का

विरसे में मैंने पाया है सदक़ा हुसैन का

नबियों की रोज़े हश्र ये फरमाइशें न हो
अज़ान हो बिलाल की सजदा हुसैन का

इस का सबूत दे दिया असग़र की जंग ने
शेरों का शेर होता है बच्चा हुसैन का

मैदाने-हश्र की मुझे क्या फ़िक्र हो नसीर
भारी हमेशा रेहता है पल्ला हुसैन का

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