Apni Zainab Ko Kaleje Se Lagayen Baba Lyrics

 

 

अपनी ज़ैनब को कलेजे से लगाएं बाबा

 

Haye Ali! Ya Ali, Haye Ali! Ya Ali

Haye Zinab! Haye Zainab!

Haye Ali! Ya Ali

 

Apni Zainab Ko Kaleje Se Lagayen Baba

Phir Se Pahle Ki Tarha Dije Duayein Baba

Apni Zainab Ko Kaleje Se Lagayen Baba

 

Aye Baba! Aye Baba ..

 

Kab Se Baichain Hun Aaj Sunayen Baba

Tanha Mar Jaungi Main Door Na Jayen Baba

 

Phir Se Pahle Ki Tarha Dije Duayein Baba

Apni Zainab Ko Kaleje Se Lagayen Baba

 

Maa Ka Gham Bhool Nahin Payi Thi Ab Aapka Gham

Kitni Tootengi Mere Sar Pe Balayen Baba

 

Phir Se Pahle Ki Tarha Dije Duayein Baba

Apni Zainab Ko Kaleje Se Lagayen Baba

 

Bhai Shabbir Pe Bhi Ashk Bahane Hain Mujhe

Mujhko Itna To Abhi Se Na Rulayen Baba

 

Phir Se Pahle Ki Tarha Dije Duayein Baba

Apni Zainab Ko Kaleje Se Lagayen Baba

 

Apne Bahte Huye Ashkon Se Laga Dun Marham

Sir Ka Beti Ko Zara Zakhm Dikhayen Baba

 

Phir Se Pahle Ki Tarha Dije Duayein Baba

Apni Zainabi Ko Kaleje Se Lagayen Baba

 

Betiyan Baap Se Maanoos Bahut Hoti Hain

Kaise Jhelungi Yateemi Ki Sajayen Baba

 

Phir Se Pahle Ki Tarha Dije Duayein Baba

Apni Zainabi Ko Kaleje Se Lagayen Baba

 

Aap Mushkil Me Ghire Logon Ki Karte Hain Madad

Main Hun Takleef Me Imadad Ko Aayen Baba

 

Phir Se Pahle Ki Tarha Dije Duayein Baba

Apni Zainabi Ko Kaleje Se Lagayen Baba

 

Is Musibat Ko Main Bardaasht Nahin Kar Sakti

Kaise Main Sabr Karun Haye Bataein Baba

 

Phir Se Pahle Ki Tarha Dije Duayein Baba

Apni Zainabi Ko Kaleje Se Lagayen Baba

 

Recite By: Ahmed Raza Nasiri

Poetry: Molana Nadeem Sirsivi

हाय अली! या अली

हाय अली! या अली

हाय ज़ैनब! हाय ज़ैनब!

हाय अली! या अली

 

अपनी ज़ैनब को कलेजे से लगाएं बाबा

फिर से पहले की तरहं दीजे दुआएं बाबा

अपनी ज़ैनब को कलेजे से लगाएं बाबा

 

हाय बाबा! हाय बाबा!

 

कब से बेचैन हूँ आज सुनाएं बाबा

तन्हा मर जाऊंगी मैं दूर ना जाए बाबा

 

फिर से पहले की तरहं दीजे दुआएं बाबा

अपनी ज़ैनब को कलेजे से लगाएं बाबा

 

मां का ग़म भूल नहीं पाई थी अब आप का ग़म

कितनी टूटेंगी मेरे सर पे बलाएं बाबा

 

फिर से पहले की तरहं दीजे दुआएं बाबा

अपनी ज़ैनब को कलेजे से लगाएं बाबा

 

भाई शब्बीर पे भी अश्क बहाने हैं मुझे

मुझको इतना तो आभी से ना रुलाएं बाबा

 

फिर से पहले की तरहं दीजे दुआएं बाबा

अपनी ज़ैनब को कलेजे से लगाएं बाबा

 

अपने बहते हुए अश्कों से लगा दूं मरहम

सिर का बेटी को ज़रा ज़ख्म दिखाएं बाबा

 

फिर से पहले की तरहं दीजे दुआएं बाबा

अपनी ज़ैनब को कलेजे से लगाएं बाबा

 

बेटियां बाप से मानूस बहुत होती हैं

कैसे झेलूंगी यतीमी की सजाएं बाबा

 

फिर से पहले की तरहं दीजे दुआएं बाबा

अपनी ज़ैनब को कलेजे से लगाएं बाबा

 

आप मुश्किल में घिरे लोगों की करते हैं मदद

मैं हूं तकलीफ़ में इमदाद को आएं बाबा

 

फिर से पहले की तरहं दीजे दुआएं बाबा

अपनी ज़ैनब को कलेजे से लगाएं बाबा

 

इस मुसीबत को मैं बर्दाश्त नहीं कर सकती

कैसे मैं सब्र करूँ हाय ! बताएं बाबा

 

फिर से पहले की तरहं दीजे दुआएं बाबा

अपनी ज़ैनब को कलेजे से लगाएं बाबा

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