Manzil E Ishq Ka Minaar Owais-E-Qarni Lyrics

 

Manzil E Ishq Ka Minaar Owais-E-Qarni Lyrics

मन्ज़िल-ए-इश्क़ का मीनार उवैस-ए-क़र्नी

 

Manzil E Ishq Ka Minaar Owais-E-Qarni

Aashiqe Sayyad E Abrar Owais-E-Qarni

मन्ज़िल-ए-इश्क़ का मीनार उवैस-ए-क़र्नी

आशिक़-ए-सय्यिद-ए-अबरार उवैस-ए-क़र्नी

 

Rahmat E Haq Ke Talabgaar Owais-E-Qarni

Ham Gunhgaron Ke Gamkhwar Owais-E-Qarni

रह़मत-ए-ह़क़ के तलबगार उवैस-ए-क़र्नी

हम गुनाहगारों के ग़मख़्वार उवैस-ए-क़र्नी

 

Haamil-E-Sunnat-E-Sarkar Owais-E-Qarni

Apne Khaliq Ke Parastaar Owais-E-Qarni

ह़ामिल-ए-सुन्नते सरकार उवैस-ए-क़रनी

अपने ख़ालिक़ के परस्तार उवैस-ए-क़र्नी

 

Jinko Hai Marzi-E-Khaliq Ki Hama Waqte Talash

Unke Hain Kaafila Salaar Owais-E-Qarni

जिनको है मन्ज़िल-ए-ख़ालिक़ की हमा वक़्ते तलाश

उनके हैं क़ाफ़िला सालार उवैस-ए-क़र्नी

 

Zahiri Aankhon Ko Deedar-E-Muhammad Na Hua

Phir Bhi Karte The Bahot Pyaar Owais-E-Qarni

ज़ाहिरी आंखों को दीदार-ए-मुह़म्मद ना हुआ

फिर भी करते थे बहुत प्यार उवैस-ए-क़र्नी

 

Lutf-E-Deedar Unhen Qarn Hi Me Haasil Tha

Roz Kar Lete The Deedar Owais-E-Qarni

लुत्फ़-ए-दीदार उन्हें क़र्न ही में हासिल था

रोज़ कर लेते थे दीदार उवैस-ए-क़र्नी

 

Bakhshish-E-Ummat-E-Marhoom Ki Karte The Dua

Talib-E-Ahmad-E-Mukhtar Owais-E-Qarni

बख़्शिश-ए-उम्मते मरहूम की करते थे दुआ

तालिब-ए-अह़मद-ए-मुख़्तार उवैस-ए-क़र्नी

 

Ho Sikandar Ka Ye Izhare Aqidat Manzoor

Apki Madha Hai Ash’aar Owais-E-Qarni

हो सिकंदर का ये इज़हार-ए-अक़ीदत मन्ज़ूर

आपकी मदह है आ’शार उवैस-ए-क़र्नी

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