Insan ek khilouna chand qadri lyrics

Insan ek khilouna chand qadri lyrics   जिस्म की मिलकियत पे नाज़ न कर जिस्म तो एक रोज़ फ़ानी है ख़ाक़ हो जायेगा ये जिस्म ओ सबाव इसकी बस इतनी सी कहानी है ओ माटी के पुतले सुन ले सुन ले, सुन ले, सुन ले, सुन ले सुन ले, सुन ले, सुन ले, सुन ले … Read more