rah me andhera he
राह में अंधेरा है और दिया नहीं लेते।। नौजवान क्यूँ दर्से करबला नहीं लेते।। हर मरज़ पे क़ाबिज़ है जो दवा, नहीं लेते।। आयतों से क़ुरआँ की फ़ायदा नहीं लेते।। इसलिये तरक़्क़ी की राह खो चुके हम लोग, बैठ कर बुज़ुर्गों से मशवरा नहीं लेते।। ग़ैर की बुराई पर उँगलियाँ उठाते हैं, अपनी ज़िन्दगानी का … Read more